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Latest articles from all categoriesएससी एसटी ओबीसी के खत्म होते जा रहे अधिकार वापस कैसे मिलेंगे?
एससी एसटी ओबीसी के खत्म होते जा रहे अधिकार वापस कैसे मिलेंगे? कैसे शासन प्रशासन में आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्राप्त होगा? आपका यह भी निर्देश है कि हम किसी धर्म…
Read Moreतुम्हारा आरक्षण मेरे कोट की जेब में है।
अगर हम धर्म परिवर्तन करते हैं तो हमारे आरक्षण का क्या होगा? कार्यकर्ताओं द्वारा उठाए गए इस सवाल के जवाब में बाबासाहेब डॉ.अम्बेडकर ने कहा था कि "चिंता मत…
Read Moreक्षत्रिय, राजपूत और ठाकुर अपने नाम के अंत में सिंह क्यों लिखते हैं?
भारतवर्ष में अनेक जातियां और वर्ण देखने को मिलते हैं। पूरे देश को इन्ही वर्णो और जातियों में बांटा गया हैं। इन सब को पहचानने के लिए सबने नाम के सर नेम को…
Read Moreरामचरितमानस का सारांश और संछिप्त समीक्षा
आज-कल हमारे देश में सभी बुद्धिजीवी, समाज सुधारक एवं राजनीतिज्ञ हिंदू समाज में व्याप्त सामाजिक अन्याय और सामाजिक परिवर्तन की बात करते हैं, लेकिन सामाजिक अन्याय…
Read MoreAmbedkar Jayanti 2022: अगर डॉ. अम्बेडकर संविधान सभा मे न होते तो?
ये तो सब जानते हैं, अगर डॉ. अंबेडकर ना होते तो आज दलितों का अधिकार नहीं होता। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन, दलितों के अधिकार, समाज की कुरुतियों और दलितों के…
Read MoreAmbedkar Jayanti 2022: अंबेडकरवाद: दुनिया बदलने की ताकत है जानिए कैसे?
आज जिसे देखो वही कहता नजर आता है कि मैं अंबेडकरवादी हूं लेकिन क्या यह पता है कि अंबेडकरवाद क्या है। किसी किसी को शायद यह बड़ी मुश्किल में पता होगा कि…
Read MoreAmbedkar Jayanti 2022: डॉ. आंबेडकर ने धम्म दीक्षा भूमि नागपुर ही क्यों चुना?
अगर हम धम्म दिक्षा भुमी की बात करें तो धम्म दिक्षा भुमी भारत में बौद्ध धर्म का एक प्रमुख केंद्र है। यह भारत में रहने वाले सभी लोगों को अच्छे से पता होगा यही…
Read MoreAmbedkar Jayanti 2022: जानें डॉ. आम्बेडकर के बारे में कुछ रोचक तथ्य
भारत रत्न से सम्मानित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को एक विश्वस्तरीय विधिवेत्ता, भारतीय संविधान के निर्माता यानि चीफ आर्किटेक्ट ऑफ इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन और करोड़ों…
Read MoreAmbedkar Jayanti 2022: जानिए हम जय भीम क्यों कहते हैं?
बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर के साथ भावनात्मक संबंध रखने वाले लोग एक दूसरे से मिलते वक्त जयभीम कहते हैं। डॉक्टर बाबा साहेब आंबेडकर का मूल नाम भीमराव रामजी आंबेडकर…
Read Moreशिक्षा के अग्रदूत महात्मा ज्योतिबा राव फुले का जीवन संघर्ष
महात्मा ज्योतिबा फुले (Mahatma Jyotiba Rao Phule) का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा जिले में शूद्र वर्ण की 'माली' जाति में हुआ था। जिन्हें ‘मनुस्मृति’…
Read Moreरोचक तथ्य
बामसेफ में अंदर आने और बाहर निकलने तक का सफर
भूली-बिसरी यादें, 1982 दिसंबर महीने में, मैं सरकारी काम से ITI नैनी इलाहाबाद गया हुआ था। एक दिन नैनी से इलाहाबाद बस से जाते समय अचानक देखा कि,…
26th Mar 2022भाजपा बनाम बसपा’ है उत्तर प्रदेश विधानसभा आमचुनाव 2022
बसपा के इतिहास को देखते हुए जातिवादी मीडिया, तथाकथित बुद्धिजीवी वर्गों और सत्तारूढ़ भाजपा ने जिस तरह से बसपा के खिलाफ कथानक तैयार किया है, जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक…
23rd Feb 2022यदि साहेब कांशीराम नहीं होते और बहुजन समाज पार्टी ना होती तो
मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यदि बसपा का गठन न हुआ होता और बहुजन समाज ने बसपा को अपनी पार्टी न माना होता तो मीरा कुमारी लोकसभा की अध्यक्ष, सुशील कुमार शिन्दे…
19th Feb 2022