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Latest articles from all categoriesलोकल मांस की दुकान बंद पर नेशनल मांस की दुकान चालू, आखिर ऐसा क्यों
भारत में केएफसी की फ्रेंचाइज़ी देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड के पास है। देवयानी, सुनने में कितना धार्मिक टाइप लग रहा है। ऐसे कि मन पवित्र हो जाए। इसके बोर्ड ऑफ…
Read Moreमानव की उत्पत्ति और भगवान के बनने का इतिहास
विज्ञान की खोज के अनुसार अजोइक युग (मतलब जब कोई जीव नहीं था, लगभग 2.5 अरब वर्ष पूर्व) में जीवन के प्रारम्भिक कण कोवेसेट अस्तित्व में आया, जिससे DNA का निर्माण…
Read More19 ऊंट की कहानी जिसे मजाक में मत लेना
एक गाँव में एक व्यक्ति के पास 19 ऊंट थे। एक दिन उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। मृत्यु के पश्चात वसीयत पढ़ी गयी। जिसमें लिखा था कि मेरे 19 ऊंटों में से आधे मेरे…
Read Moreकाशीदास की पूजा या कराह देना कितनी बेवकूफी
उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और बिहार में, यादव समाज द्वारा काशीदास की पूजा सार्वजनिक रूप से बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। अभी तक तो यही जान पड़ता है कि…
Read Moreशूद्रो का मरा जमीर, जगाना ही होगा
पता नही क्यों, मुझे ऐसा लगता है कि स्वतंत्रता के 72 साल बाद भी, समता, समानता, वन्धुत्व और वैज्ञानिक सोच पर आधारित सम्विधान, जो मूलतः 85% शूद्रों के हक और अधिकार…
Read Moreकौन होते हैं भगवान के दर्जे के हकदार और क्या हैं जाति व्यवस्था?
भगवान के दर्जे के हकदार समाज में फैले हुए अन्याय और अत्याचार को दूर करने के लिए जब कोई बच्चा पैदा होकर अपने जीवन को समर्पित कर दे तो उस महापुरुष को भगवान का…
Read Moreजिसे हारने का डर है उसकी हार निश्चित है, जादूगर और चूहे की एक झकझोर देने वाली कहनी
एक बार एक जादूगर जंगल से गुजर रहा था। अचानक उसकी निगाह एक चूहे पर पड़ी। चूहा अकेला बैठा था। जादूगर ने चूहे से कहा, "भाई चलो, जंगल घूमने चलो।" चूहे ने कहा कि…
Read Moreडॉ. के. आर. नारायणन जिन्होंने सुप्रीम कोर्ट में दलितों के प्रवेश का रास्ता खोला
संघर्ष से क्रांति तक, उच्च कोटि दलित सख्सियत जो राष्ट्रपति रहते हुए जिन्होने सुप्रीम कोर्ट में दलितों के प्रवेश का रास्ता खोला। जिनका प्रारंभिक जीवन अनेक…
Read Moreहम भारत के लोग हिन्दुस्तानी या शूद्रिस्तानी?
पिछले साल दशहरे के मौके पर मोहन भागवत जी का बचकाना, दुर्भाग्य पूर्ण बयान कि भारत हिन्दू राष्ट्र हैं। लगता है भारत का संविधान पढ़ा ही नहीं है, या जानबूझकर शरारती,…
Read Moreक्यो डॉ. अंबेडकर के पुत्र यशवंतराव ने स्वयं को बहुजन आंदोलन से अलग रखा?
आप मे से ज्यादातर लोग बाबासाहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर (1891-1956) को जानते होंगे पर आपने कभी उनके पुत्र यशवंतराव अम्बेडकर (1912-1977) का नाम नही सुना होगा इसका…
Read Moreरोचक तथ्य
कांशीराम जी की सोच एक अवसरवादी नेता
माननीय कांशीराम की नीति, नियम, रणनीति एवं नियत में फर्क के कारण अवसरवाद का जन्म हुआ, अवसरवादी सोच के लोग अंबेडकरवादी कैसे हो सकते हैं। यह चिंतन का विषय है।…
14th Aug 2022संकिसा एक ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ स्थल
संकिसा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के फ़र्रूख़ाबाद जिले के पखना रेलवे स्टेशन से सात मील दूर काली नदी के तट पर एक बौद्ध तीर्थ स्थल है। इसका प्राचीन नाम संकाश्य…
7th Feb 2022Ambedkar Jayanti 2022: अगर डॉ. अम्बेडकर संविधान सभा मे न होते तो?
ये तो सब जानते हैं, अगर डॉ. अंबेडकर ना होते तो आज दलितों का अधिकार नहीं होता। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन, दलितों के अधिकार, समाज की कुरुतियों और दलितों के…
14th Apr 2022