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Latest articles from all categoriesक्यो डॉ. अंबेडकर के पुत्र यशवंतराव ने स्वयं को बहुजन आंदोलन से अलग रखा?
आप मे से ज्यादातर लोग बाबासाहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर (1891-1956) को जानते होंगे पर आपने कभी उनके पुत्र यशवंतराव अम्बेडकर (1912-1977) का नाम नही सुना होगा इसका…
Read Moreएक विधवा स्त्री कैसे हो गयी गर्भवति, क्या ये भी विधि का विधान था?
एक विधवा बहू ने अपनी सास को बताया कि वह तीन माह के गर्भ से है इतना सुनते ही पूरे परिवार में हंगामा मच गया, समाज में भूचाल आ गया लोगो ने पंचायत जुटाई और उस…
Read Moreजाति जनगणना क्यों जरूरी है और इसके परिणाम क्या होंगे?
अगर जातिगत जनगणना हो जाती है तो यह पता चल जाएगा की किस 6000 जातियों में से किस जात की कितनी संख्या है,और उसको उस अनुपात में सभी सरकारी, निजी, कृत्रिम और प्राकृतिक…
Read Moreबहुजनों को भूत, भाग्य, भगवान के पचड़े से बाहर निकलना ही होगा
भूत, प्रेत, चुड़ैल की अगर हम बात करें तो ये सब सिर्फ शब्द हैं जो हम बचपन से सुनते आए हैं। इनका वास्तव में कोई अस्तित्व नहीं होता। इनके बारे में ऐसा बताया जाता…
Read Moreएक कसाई और हजारों मुर्गियों की कहानी जो प्रेरणा का सबक देती हैं
एक कसाई था। उसके मुर्गीपालन का व्यवसाय था। बाड़े में हजारों मुर्गियां थी। बाड़े के गेट पर ही वो मुर्गियों को काटकर बेचा करता था। इधर-उधर भागती मुर्गियां उसको…
Read Moreक्यों बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर जी ने कहा था नारी राष्ट्र की निर्मात्री है?
बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर जी ने संविधान में लिखा कि किसी भी महिला को सिर्फ महिला होने की वजह से किसी अवसर से वंचित नहीं रखा जाएगा और ना ही उसके साथ लिंग…
Read Moreसवर्ण आरक्षण : न्यायप्रिय भारत का एक सबसे बड़ा कलंक
आज भारत में विपक्षी खेमें में मोटे तौर पर इस बात पर सहमति है कि भाजपा सरकार चरणबद्ध तरीके से संवैधानिक संस्थाओं और मूल्यों को ख़त्म कर रही है। इसका ताजा…
Read Moreकैसे शिक्षा का स्तर ही किसी देश व समाज की प्रगति का मूल स्तम्भ है?
जिस समाज में जैसे व्यक्ति होंगे वैसा ही वहाँ के समाज का निर्माण होगा। किसी देश या समाज का उत्थान या पतन इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश व समाज के नागरिक…
Read Moreशहीद ए आजम भगत सिंह – वैचारकी का बहुजन पक्ष
भगत सिंह की वैचारिक यात्रा उनके दो लेखों ‘अछूत समस्या’ (जून 1928) तथा ‘मैं नास्तिक क्यों हूं’ (अक्टूबर 1931) के उल्लेख के बिना अधूरी मानी जाएगी। उस समय…
Read Moreगोदी मीडिया बनाम ओबीसी पत्रकारिता
अक्सर पत्रकारिता के बारे में लोगों की यह धारणा होती है कि पत्रकार जो बोलता है सही बोलते हैं जो लिखता है वह सही लिखता है। लेकिन आजकल की पत्रकारिता और साहित्य…
Read Moreरोचक तथ्य
बहुजन समाज पार्टी (BSP) की विशेषताएं व उपलब्धियां
चुनाव आयोग की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारत में इस समय 6 राष्ट्रीय राजनैतिक दल है उनका क्रम इस प्रकार है। ये लिस्ट गूगल से सर्च करने के बाद ही लिया…
28th Feb 2022मानवता और आपसी सहयोग की एक शानदार कहानी
एक सज्जन रेलवे स्टेशन पर बैठे रेलगाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे। तभी वहां पर जूते पॉलिश करने वाला एक लड़का आकर उनसे बोला ‘‘साहब! बूट पॉलिश?’’ उसकी…
3rd Jan 2023लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार एक दिल दहला देने वाला मंजर
लक्ष्मणपुर बाथे नरसंहार 1 दिसम्बंर1997 की दिन था, उत्तर भारत की हड्डी गला देने वाली ठ़ड पड रही थी, रोज कि तरह मल्लाह अपनी जीविका के लिये सोन नदी के किनारे…
17th Mar 2022