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Latest articles from all categoriesविश्व आदिवासी दिवस क्या है?
सर्वप्रथम आदिवासी दिवस की मानव विकास संस्थान की ओर से भारत सहित समस्त दुनिया के " जल,जंगल ,जमीन के संरक्षण में सदैव से लगे हुए, प्रकृति के सच्चे रखवाले,…
Read Moreनाग और नाग पंचमी यानी पंचशील का महत्व को जानिये
अब समय आ गया है की हम नाग और नाग पंचमी यानी पंचशील के महत्व को समझे और सदियों से चले आ रहे षड्यंत्र को समाप्त करे। इसी का प्रयास मेरे द्वारा किया गया…
Read Moreकांशीराम जी की सोच एक अवसरवादी नेता
माननीय कांशीराम की नीति, नियम, रणनीति एवं नियत में फर्क के कारण अवसरवाद का जन्म हुआ, अवसरवादी सोच के लोग अंबेडकरवादी कैसे हो सकते हैं। यह चिंतन का विषय है।…
Read Moreबहुजन समाज के तीन कप्तान, दलित पिछड़ा और मुसलमान
हमारी विचाराधारा एक है, तो हमारी पार्टी भी एक ही है। इसलिए हमारे सर्वमान्य नेता के सन्दर्भ में कोई संशय नहीं होना चाहिए। राजनीतिक दल के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव…
Read Moreभारत में 1950 से पहले और बाद में नारियों की स्थिति पर एक नज़र
भारत में आज नारी 18 वर्ष की आयु के बाद ही बालिग़ अर्थात विवाह योग्य मानी जाती है। परंतु मशहूर अमेरिकन इतिहासकार कैथरीन मायो (Katherine Mayo) ने अपनी बहुचर्चित…
Read Moreक्रांतिकारी बिरसा मुंडा जो अल्पायु में ही युगपुरुष बन गए
बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर, 1875 झारखंड के बंबा गांव में हुआ था। बचपन से गंभीर प्रवृत्ति के बिरसा अपने पुरखों के अपमान और आदिवासी दुर्दशा से बेहद दुखी थे।…
Read Moreवाल्मीकि समुदाय का सच और आखिर कौन थे महर्षि वाल्मीकि?
महर्षि बाल्मीकि कौन थे? उनके बारे में विस्तार से रचयिता आदि कवि वाल्मीकि के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए नहीं बल्कि “सफाई कर्मी जाति ” को हिन्दू धर्म की…
Read Moreबाबासाहब डॉ आंबेडकर ने हिन्दू धर्म क्यों छोड़ा?
अगर हम डॉ. अंबेडकर द्वारा धर्म परिवर्तन की घोषणा की बात करें तो 13 अक्टूबर 1935, को येवला नासिक में धर्म परिवर्तन की घोषणा करते हुए आम्बेडकर 10-12 साल हिन्दू…
Read Moreभारत में प्रथम बौद्ध धर्म के पुनर्जागरणकर्ता अनागारिक धर्मपाल का जीवन परिचय
भारत में प्रथम बौद्ध धर्म के पुनर्जागरणकर्ता जो 17 सितंबर 1864 को कोलंबो (श्रीलंका) के एक बौद्ध परिवार में जन्मे धर्मपाल की बचपन से हसरत थी कि वह कभी पुण्य-भूमि…
Read Moreक्यो चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने क्रूरता त्याग कर मानवतावादी हो गए?
चक्रवर्ती सम्राट अशोक जिन्होंने मानवतावादी, सर्वाधिक जन कल्याणकारी महान प्रियदर्शी सम्राट जिसने क्रूरता त्याग कर बौद्ध धर्म को ग्रहण करके बुद्ध की शिक्षाओं…
Read Moreरोचक तथ्य
क्या वास्तव में अनुसूचित जातियां शूद्र नहीं?
यह फ़ोटो एक अंग्रेज ने 1920 में खिंची थी। जिसमे बताया गया है कि एक Cast Girl (वर्ण व्यवस्था में सम्मलित महिला) दूसरी Out Cast (वर्ण व्यवस्था से बाहर की महिला)…
4th Feb 2025यदि साहेब कांशीराम नहीं होते और बहुजन समाज पार्टी ना होती तो
मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यदि बसपा का गठन न हुआ होता और बहुजन समाज ने बसपा को अपनी पार्टी न माना होता तो मीरा कुमारी लोकसभा की अध्यक्ष, सुशील कुमार शिन्दे…
19th Feb 2022भारत के 110 करोड़ लोग हिन्दू नहीं है
आजकल हिन्दू हिन्दू हिन्दू हिन्दू, आप जिधर देखो उधर हिन्दू या हिन्दुस्थान यही नाम नजर आता है। खासकर ये जातिवादी पार्टियों कि एक बड़ी पहचान है। मगर…
1st Apr 2022