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Latest articles from all categoriesकबीर की शिक्षाओं में छिपी बौद्ध विचारधारा
जब कबीर की आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता को भगवान बुद्ध की शिक्षाओं के साथ देखा जाता है, तो हमें क्या दिखाई देता है?कबीर भारत के सबसे प्रसिद्ध संत कवियों में से एक…
Read Moreक्या वास्तव में अनुसूचित जातियां शूद्र नहीं?
यह फ़ोटो एक अंग्रेज ने 1920 में खिंची थी। जिसमे बताया गया है कि एक Cast Girl (वर्ण व्यवस्था में सम्मलित महिला) दूसरी Out Cast (वर्ण व्यवस्था से बाहर की महिला)…
Read Moreभारत के विकास में बाधा ये द्रोणाचार्य और उनकी जातिवादी मीडिया
गुरु द्रोणाचार्य ने भविष्यवाणी कर दी कि उनके प्रिय शिष्य अर्जुन जैसा निशानेबाज धनुर्धर दूसरा कोई नहीं होगा। ठीक उसी तरह आधुनिक भारत के द्रोणाचार्यों और उनकी…
Read Moreमानवता और आपसी सहयोग की एक शानदार कहानी
एक सज्जन रेलवे स्टेशन पर बैठे रेलगाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे। तभी वहां पर जूते पॉलिश करने वाला एक लड़का आकर उनसे बोला ‘‘साहब! बूट पॉलिश?’’ उसकी…
Read Moreएक प्रेरणादायक, परोपकारी, महान उद्योगपति रतन टाटा जी की जीवनी
रतन टाटा एक ऐसा नाम है जो तुरंत सभी से ध्यान आकर्षित करता है। टाटा समूह ने न केवल एक सफल उद्योगपति के रूप में बल्कि एक महान इंसान और परोपकारी व्यक्ति के रूप…
Read Moreबहुजन समाज पार्टी की हरियाणा प्रदेश की पिछले 38 सालों की कारगुजारी
कुछ प्रकांड विद्वान बीएसपी के बारे में ये सोचते हैं कि हम सिर्फ़ बहनजी की वाह-वाई करके ही सरकार बना लेंगे। इसके साथ-साथ बीएसपी के अलावा कोई दूसरा सामाजिक…
Read Moreअंधविश्वास पाखंडवाद पर एक बुढ़िया और उसकी बहू पर एक जबरदस्त लेख
एक समय की बात हैं एक गांव में एक बुढ़िया अपने बेटे और बहू के साथ रहती थी। वह कुछ ऊंचा सुनती थी। उसके बेटे की शादी हुये तीन-चार साल हो चुके थे। कोई बच्चा नहीं…
Read Moreअम्बेडकर सरनेम बाबासाहब को किसी ब्राह्मण ने नहीं तो आखिर किसने दिया?
अगर अम्बेडकर सरनेम किसी ब्राह्मण ने बाबा साहब को नहीं दिया था तो आखिर किसने दिया? जानिये इस लेख के माध्यम से। मुझे सन 1950 से पहले के कुछ दस्तावेज चाहिए…
Read Moreसंविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष बने बाबासाहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर, एक लेख
संविधान निर्माण के इतिहास में 29 अगस्त का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज है। 29.08.1947 के दिन ही संविधान सभा ने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए…
Read Moreजुल्मी जातियों की आर्थिक, धार्मिक व राजनीतिक शक्ति आखिर मिलती कहाँ से हैं?
देश में आए दिन दलितों पर जुल्मी सवर्ण जातियों द्वारा हर क्षेत्र में भेदभाव, अन्यान्य, अत्याचार किए जा रहे हैं। ऐसी घटनाओं के समय दलित वंचित समाज में आक्रोश…
Read Moreरोचक तथ्य
बामसेफ में अंदर आने और बाहर निकलने तक का सफर
भूली-बिसरी यादें, 1982 दिसंबर महीने में, मैं सरकारी काम से ITI नैनी इलाहाबाद गया हुआ था। एक दिन नैनी से इलाहाबाद बस से जाते समय अचानक देखा कि,…
26th Mar 2022तथागत बुद्ध की नज़र में दोहरी विजय की परिभाषा
किसी ने गाली दी, कड़वे बोल बोले. यदि सामने वाला व्यक्ति वापस गाली नहीं देता है तो वह दोहरी विजय प्राप्त करता है। भगवान बुद्ध अपनी निंदा और प्रशंसा दोनों से…
3rd Mar 2022महमूद गजनवी एक मसीहा था: एक नजरिया ये भी!
महमूद गजनवी (Mahmud Ghaznavi) का ज़हूर एक ऐसे समुद्री तूफ़ान की तरह था, जो अपनी राह में मौजूद हर मौज को अपनी आगोश में ले लेती है, वह ऐसा फतेह था, …
26th Mar 2022