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Latest from Trending Articlesयूपी चुनाव मैदान में मायावती का खौफ
मायावती की खामोशी के असल मायने क्या हैं? क्या यह खामोशी रणनीतिक है? यूपी चुनाव के मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मायावती के पत्ते धीरे-धीरे खुल रहे…
Read Moreकांग्रेस की गलती और BJP द्वारा सुधार
नेहरू जी की सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए आजीवन पेंशन का प्रावधान किया।पेंशनधारी अटल जी के समर्थन में आए, और अटल जी की सरकार ने पेंशन समाप्त कर दी क्योंकि…
Read Moreभाजपा बनाम बसपा’ है उत्तर प्रदेश विधानसभा आमचुनाव 2022
बसपा के इतिहास को देखते हुए जातिवादी मीडिया, तथाकथित बुद्धिजीवी वर्गों और सत्तारूढ़ भाजपा ने जिस तरह से बसपा के खिलाफ कथानक तैयार किया है, जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक…
Read Moreधम्म ध्वज की स्थापना व विश्व बौद्ध ध्वज का महत्व
बौद्ध जगत में 8 जनवरी 1880 का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसी दिन ”धम्म ध्वज” की स्थापना हुई थी। यह धम्म ध्वज सम्पूर्ण विश्व को शांति प्रगति मानवतावाद…
Read Moreस्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या है अंतर ?
भारत एक लोकतांत्रिक देश है और देश को आजाद हुए लगभग 70 साल से अधिक वर्ष हो चुके हैं। प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस बड़ी ही धूमधाम से मनाया…
Read Moreब्रह्मा की उत्पत्ति, सरस्वत्ती तथा ईरानी अर्थात आर्य लोग
धोंडीराव व जोतीराव के बीच में बहुत ही गंभीर रूप से बहस छिड़ी हुई थी। बहस का मुख्य कारण था कि ब्रह्मा की उत्पत्ति, सरस्वती तथा ईरानी अर्थात वह लोग जो आर्य थे,…
Read Moreयदि साहेब कांशीराम नहीं होते और बहुजन समाज पार्टी ना होती तो
मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यदि बसपा का गठन न हुआ होता और बहुजन समाज ने बसपा को अपनी पार्टी न माना होता तो मीरा कुमारी लोकसभा की अध्यक्ष, सुशील कुमार शिन्दे…
Read Moreसंकिसा एक ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ स्थल
संकिसा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के फ़र्रूख़ाबाद जिले के पखना रेलवे स्टेशन से सात मील दूर काली नदी के तट पर एक बौद्ध तीर्थ स्थल है। इसका प्राचीन नाम संकाश्य…
Read Moreसामाजिक क्रांति का दस्तावेज है भारतीय संविधान
भारतवर्ष को समता-स्वतंत्रता-बंधुत्व के एक सूत्र में बांधने वाला सामाजिक क्रान्ति का दस्तावेज है भारतीय संविधान। हम सब के लिए अत्यंत हर्ष एवं गौरव की बात है…
Read Moreभंगी से वाल्मीकि क्यों? आखिर किस कारण ये बदलाव किए गए?
बात तब की हैं जब रिपोर्ट ब्रिटिश प्रधान मंत्री को 1930 में होने वाली Round Table Conference के लिए सौंपनी थी।अछूतों की हमदर्दी का नाटक हिन्दूवादी शक्तियां…
Read Moreरोचक तथ्य
कैसे शिक्षा का स्तर ही किसी देश व समाज की प्रगति का मूल स्तम्भ है?
जिस समाज में जैसे व्यक्ति होंगे वैसा ही वहाँ के समाज का निर्माण होगा। किसी देश या समाज का उत्थान या पतन इस बात पर निर्भर करता है कि उस देश व समाज के नागरिक…
30th Apr 2022बहुजन समाज के तीन कप्तान, दलित पिछड़ा और मुसलमान
हमारी विचाराधारा एक है, तो हमारी पार्टी भी एक ही है। इसलिए हमारे सर्वमान्य नेता के सन्दर्भ में कोई संशय नहीं होना चाहिए। राजनीतिक दल के प्रदर्शन में उतार-चढ़ाव…
31st Jul 2022महमूद गजनवी के आक्रमण में देश के बेईमानो का सबसे बड़ा हाथ
हजार साल पहले महमूद गजनवी ने दो बातें सिद्ध की पहली बात यह कि इस देश के मंदिरों में भगवान नहीं, बेईमान बैठे हैं और दूसर इस देश के बड़े-बड़े दुर्गों में राजा…
19th Mar 2022