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Latest from Trending Articlesब्राम्हण संविधान को समाप्त क्यो करना चाहता है?
ब्राम्हण संविधान को समाप्त क्यो करना चाहता हे। जाने-संविधान के आर्टिकल 340 के अनुसार obc, sc, st हिन्दू नही है। चातुरवर्ण ब्राह्मण धर्म यानि अभी का (हिन्दू…
Read Moreभारत की सुस्ती और यूक्रेन से सीधी विमान सेवा न होने के कारण फँस गए हज़ारों छात्र
यूक्रेन से अपने नागरिकों के निकलने की एडवाइज़री जारी करने में भारत ने काफी देर कर दी। 24 जनवरी को आस्ट्रेलिया ने और 11 फरवरी को अमरीका, ब्रिटेन,जापान, नीदरलैंड…
Read Moreहम गणतंत्र दिवस क्यों मनाते हैं और हमें संविधान की जरुरत क्यों पड़ी?
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त 1947 के दिन हमारा देश आजाद हुआ जबकि 26 जनवरी 1950 को जिसे हम गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। हमारा संविधान लागू हुआ था क्योंकि…
Read Moreनारियल फोड़ने की कुप्रथा क्यों और कब से?
नारियल फोड़ने की प्रथा का इतिहास बेहद बर्बर है। पुष्यमित्र शुंग ने बौद्धों का सिर काट कर लाने वाले के लिए 100 स्वर्ण मुद्रा का इनाम रखा था। परिणामस्वरूप बौद्धों…
Read Moreभगवान बुद्ध के अनुयायिओं के लिए विश्व भर में पांच प्रमुख बौद्ध तीर्थ
भगवान बुद्ध के अनुयायिओं के लिए विश्व भर में पांच मुख्य तीर्थ स्थल माने जाते हैं जिसमे लुम्बिनी – जहां भगवान बुद्ध का जन्म हुआ, बोधगया – जहां बुद्ध ने ज्ञान…
Read Moreजातीय व अन्तर्जातीय विवाह व इन सम्बन्धों का महत्व
चुम्बक की शक्ति से कोई अनभिज्ञ नहीं है। हाँ, शिक्षा के अभाव में जो लोग निरक्षर रह गये हैं, शायद उन्हें चुम्बक के बारे में कोई ज्ञान नहीं होगा। कहीं कहीं…
Read Moreनारी शिक्षा से काँपता सनातन धर्म
9 साल की उम्र में शादी का धार्मिक-शास्त्रीय, प्रावधान इसलिए रखा गया ,ताकि स्त्री पढ़ ना सके। माहवारी के बाद पुत्री को जो पिता घर मे रखता है ,वह उसका वही रक्त…
Read Moreबहुजन समाज पार्टी (BSP) की विशेषताएं व उपलब्धियां
चुनाव आयोग की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक भारत में इस समय 6 राष्ट्रीय राजनैतिक दल है उनका क्रम इस प्रकार है। ये लिस्ट गूगल से सर्च करने के बाद ही लिया…
Read Moreशिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009
अधिनियम के प्रावधान के अनुसार दिसंबर 2002 अनुच्छेद 21 ए (भाग 3) के माध्यम से 86वें संशोधन विधेयक में 6 से 14 साल के सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा…
Read Moreगॉंधी व आंबेडकर में विवाद और गांधी से असहमति
असल में गॉंधी और डॉ. आंबेडकर दो विपरीत ध्रुवों के व्यक्ति थे, बल्कि दो अलग-अलग परम्पराओं और विचारधराओं के व्यक्ति भी थे। गॉंधी की विचारधारा वैदिक परम्परा की…
Read Moreरोचक तथ्य
Ambedkar Jayanti 2022: अगर डॉ. अम्बेडकर संविधान सभा मे न होते तो?
ये तो सब जानते हैं, अगर डॉ. अंबेडकर ना होते तो आज दलितों का अधिकार नहीं होता। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन, दलितों के अधिकार, समाज की कुरुतियों और दलितों के…
14th Apr 2022भाजपा बनाम बसपा’ है उत्तर प्रदेश विधानसभा आमचुनाव 2022
बसपा के इतिहास को देखते हुए जातिवादी मीडिया, तथाकथित बुद्धिजीवी वर्गों और सत्तारूढ़ भाजपा ने जिस तरह से बसपा के खिलाफ कथानक तैयार किया है, जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक…
23rd Feb 2022धार्मिक मान्यताओं के भारत देश के विकास पर एक नजर
धार्मिक मान्यताओं के आगे किसी देश का विज्ञान कितना पनपा पिछले कुछ आंकड़ों से इसके इतिहास पर एक नज़र डालते हैं। 250 वर्ष का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि आधुनिक…
13th Mar 2022