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Latest articles from all categoriesधम्म ध्वज की स्थापना व विश्व बौद्ध ध्वज का महत्व
बौद्ध जगत में 8 जनवरी 1880 का दिन विशेष महत्व रखता है क्योंकि इसी दिन ”धम्म ध्वज” की स्थापना हुई थी। यह धम्म ध्वज सम्पूर्ण विश्व को शांति प्रगति मानवतावाद…
Read Moreइतिहास के पन्नों में गुम पहली मुस्लिम शिक्षिका फातिमा शेख
भारत का पहला कन्या स्कूल खोलने में फ़ातिमा शेख़ ने माता सावित्रीबाई फुले की मदद की थी लेकिन फ़ातिमा शेख़ आज गुमनाम हैं और उनके नाम का उल्लेख कम ही मिलता है।फ़ातिमा…
Read Moreस्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस में झंडा फहराने में क्या है अंतर ?
भारत एक लोकतांत्रिक देश है और देश को आजाद हुए लगभग 70 साल से अधिक वर्ष हो चुके हैं। प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस बड़ी ही धूमधाम से मनाया…
Read Moreअगर आप भी नहीं खाते हैं मूली, तो जरूर पढ़िए इसके फायदे
सर्दियों में सलाद के बहुत सारे ऑपशन होते हैं। लेकिन ज्यदातर लोग मूली खाना ज्यादा पसंद करते हैं। पर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मूली का सलाद खाना या यू कहें कि मूली…
Read Moreब्रह्मा की उत्पत्ति, सरस्वत्ती तथा ईरानी अर्थात आर्य लोग
धोंडीराव व जोतीराव के बीच में बहुत ही गंभीर रूप से बहस छिड़ी हुई थी। बहस का मुख्य कारण था कि ब्रह्मा की उत्पत्ति, सरस्वती तथा ईरानी अर्थात वह लोग जो आर्य थे,…
Read Moreछत्रपति शिवाजी का जीवन परिचय
छत्रपति शिवाजी भोसले का जन्म 19 फ़रवरी, 1630 को हुआ था। इनके पिता का नाम शाहजी भोसले था और इनकी माता का नाम जीजाबाई था। इनकी…
Read Moreयदि साहेब कांशीराम नहीं होते और बहुजन समाज पार्टी ना होती तो
मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि यदि बसपा का गठन न हुआ होता और बहुजन समाज ने बसपा को अपनी पार्टी न माना होता तो मीरा कुमारी लोकसभा की अध्यक्ष, सुशील कुमार शिन्दे…
Read Moreसंतराम बी.ए. के बारे में आप क्या जानते हैं ?
संतराम बी. ए. के चिंतन पर आने से पहले उनके व्यक्त्वि और कृतित्व के सम्बन्ध में जानना उचित होगा। संतराम बी. ए. का जन्म 14 फरवरी,1887 को बसी नामक गांव होशियारपुर,…
Read Moreडॉ. आंबेडकर वकील थे तो भगत सिंह का केस क्यों नहीं लड़े?
डॉ. आंबेडकर वकील थे तो भगत सिंह का केस क्यों नहीं लड़े? यह सवाल व्यंग, नफरत या आक्रोश अथवा जिज्ञासावश में पूछा जा सकता है। सवाल प्रथम दृष्टया उचित लगता…
Read MoreRPI का 6 दिसम्बर 1956 के बाद से 1978 तक का इतिहास
आरपीआई ( RPI ) का 6 दिसम्बर 1956 के बाद से 1978 तक का इतिहास हर अम्बेडकरवादी को जानना चाहिए, जिस पर राजनीतिक इतिहासकारों ने धूल फांकने का कार्य किया,क्योंकि…
Read Moreरोचक तथ्य
Ambedkar Jayanti 2022: अगर डॉ. अम्बेडकर संविधान सभा मे न होते तो?
ये तो सब जानते हैं, अगर डॉ. अंबेडकर ना होते तो आज दलितों का अधिकार नहीं होता। बाबा साहब ने अपना पूरा जीवन, दलितों के अधिकार, समाज की कुरुतियों और दलितों के…
14th Apr 2022आस्था और विश्वास एक मानसिक बीमारी
एक किसान का बछड़ा मर गया, गाय ने दूध देना बंद कर दिया, किसान ने मरे हुए बछड़े के अंदर भूषा भरकर उसे खड़ा कर दिया, गाय जीवित बछड़ा समझकर उसके…
26th Mar 2022गॉंधी व आंबेडकर में विवाद और गांधी से असहमति
असल में गॉंधी और डॉ. आंबेडकर दो विपरीत ध्रुवों के व्यक्ति थे, बल्कि दो अलग-अलग परम्पराओं और विचारधराओं के व्यक्ति भी थे। गॉंधी की विचारधारा वैदिक परम्परा की…
23rd Feb 2022