नवीनतम लेख
Latest articles from all categoriesक्या शॉल ओढाने या भेट करने की परंपरा मनुवादी हिन्दू परंपरा है?
तथागत बुद्ध ने कहा "पुक्कुस दुशाले में से एक मुझे ओढा दे और एक आनंद को"। तथागत बुद्ध के इन वचनों की याद फिर आई, जब अहमदाबाद महानगर में मौर्य समाज भवन में …
Read More'धम्मपद' एक अनुपम श्रेष्ठ ग्रंथ
धम्म प्रभात 'धम्मपद' बुद्ध वचन है। इसमें गाथाएं मात्र है। धम्मपद बुद्ध धम्म का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण श्रमण संस्कृति का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है। 'धम्मपद'…
Read Moreगॉंधी व आंबेडकर में विवाद और गांधी से असहमति
असल में गॉंधी और डॉ. आंबेडकर दो विपरीत ध्रुवों के व्यक्ति थे, बल्कि दो अलग-अलग परम्पराओं और विचारधराओं के व्यक्ति भी थे। गॉंधी की विचारधारा वैदिक परम्परा की…
Read Moreयूपी चुनाव मैदान में मायावती का खौफ
मायावती की खामोशी के असल मायने क्या हैं? क्या यह खामोशी रणनीतिक है? यूपी चुनाव के मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, मायावती के पत्ते धीरे-धीरे खुल रहे…
Read Moreकांग्रेस की गलती और BJP द्वारा सुधार
नेहरू जी की सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए आजीवन पेंशन का प्रावधान किया।पेंशनधारी अटल जी के समर्थन में आए, और अटल जी की सरकार ने पेंशन समाप्त कर दी क्योंकि…
Read Moreभाजपा बनाम बसपा’ है उत्तर प्रदेश विधानसभा आमचुनाव 2022
बसपा के इतिहास को देखते हुए जातिवादी मीडिया, तथाकथित बुद्धिजीवी वर्गों और सत्तारूढ़ भाजपा ने जिस तरह से बसपा के खिलाफ कथानक तैयार किया है, जिस तरह से इलेक्ट्रॉनिक…
Read Moreमाता भीमाबाई सकपाल के जीवन के कुछ खास लम्हे
माता भीमाबाई सकपाल जन्म 14 फरवरी 1854 को हुआ था। माता भीमाबाई के पिता सुबेदार मेजर धर्मा मुरबाड़कर थाने जिले के मुरबाड़ नामक स्थान के रहने वाले थे। उनका…
Read Moreमाता रमा को डॉ. भीम राव अम्बेडकर का बेहद ही भावुक करने वाला पत्र
रमा! कैसी हो रमा तुम?तुम्हारी और यशवंत की आज मुझे बहुत याद आई। तुम्हारी यादों से मन बहुत ही उदास हो गया। यहां के अखबारों में मेरे प्रभावी भाषण काफी चर्चा में…
Read Moreमाता रमाई का त्याग व संघर्ष
बाबासाहब डॉ अम्बेडकर जब पीएचडी करके भारत लौट रहे थे तब मुंबई में उनके कार्यकर्ताओ ने उनका सत्कार करने का आयोजन किया और यह बात जब माता रमाई को मालूम हुई तो…
Read Moreशौर्य दिवस के बारे में डॉक्टर अंबेडकर के विचार
पेशवा की राजधानी पूना में जब गांव में कोई सवर्ण हिंदू आम रास्ते से जा रहा हो तो किसी अछूत को उस रास्ते से जाना वर्जित था।अछूत को अपनी कलाई या अपने गले में…
Read Moreरोचक तथ्य
सामाजिक क्रांति का दस्तावेज है भारतीय संविधान
भारतवर्ष को समता-स्वतंत्रता-बंधुत्व के एक सूत्र में बांधने वाला सामाजिक क्रान्ति का दस्तावेज है भारतीय संविधान। हम सब के लिए अत्यंत हर्ष एवं गौरव की बात है…
7th Feb 2022गॉंधी व आंबेडकर में विवाद और गांधी से असहमति
असल में गॉंधी और डॉ. आंबेडकर दो विपरीत ध्रुवों के व्यक्ति थे, बल्कि दो अलग-अलग परम्पराओं और विचारधराओं के व्यक्ति भी थे। गॉंधी की विचारधारा वैदिक परम्परा की…
23rd Feb 2022जिसे हारने का डर है उसकी हार निश्चित है, जादूगर और चूहे की एक झकझोर देने वाली कहनी
एक बार एक जादूगर जंगल से गुजर रहा था। अचानक उसकी निगाह एक चूहे पर पड़ी। चूहा अकेला बैठा था। जादूगर ने चूहे से कहा, "भाई चलो, जंगल घूमने चलो।" चूहे ने कहा कि…
21st May 2022