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Latest articles from all categoriesक्या मानव शरीर में आत्मा होती है, अगर हाँ तो ये शरीर से निकलती ही क्यों हैं?
आध्यात्मिक लोग कहते है कि मानव शरीर के अन्दर एक आत्मा होती है जो शरीर को संचालित करती है! इनका यह भी कहना है कि आत्मा अजर-अमर होती है और उसके निकलते ही मानव…
Read Moreभारत की पहली महिला अध्यापिका व शिक्षा की असली देवी सावित्रीबाई फुले
सावित्री बाई फुले: जिन्होंने औरतों को ही नहीं, मर्दों को भी उनकी जड़ता और मूर्खता से आज़ाद किया। दुनिया में लगातार विकसित और मुखर हो रही नारीवादी सोच की ठोस…
Read Moreवैज्ञानिकों ने बताया कितना दिलचस्प है हमारा शरीर
एक मशीन की तरह निरंतर कार्य करता हमारा शरीर कई अंगों का समूह हैं। हमारे सिर पर हमारे बाल सरदी और धूप से हमें बचाते हैं। हमारी आँखें, नाक और कान, देखने, सूंघने…
Read Moreएक युवा व्यक्ति का सुंदर पौधा - एक कहानी
एक वृद्ध सेवानिवृत्त व्यक्ति के पड़ोस में एक युवक रहता था। वे दोनों ही बाग़वानी का शौक रखते थे और बगीचे में अपने पौधों की देखभाल करते थे। जो युवा था…
Read Moreएक दैत्य अथवा महान उदार द्रविड़ शासक महिषासुर
एक दैत्य अथवा महान उदार द्रविड़ शासक, जिसने अपने लोगों की लुटेरे-हत्यारे आर्यो से रक्षा की। महिषासुर ( Mahishasura ) ऐसे व्यक्तित्व का नाम है, जो सहज ही अपनी…
Read Moreभारत में जाति व्यवस्था की वर्तमान स्थिति
भारत को आज़ाद हुये लगभग 74 वर्ष हो चुके हैं। इन 74 वर्षों में जाति वयवस्था कमज़ोर तो हुई है, लेकिन पूरी तरह खत्म नही हुई है। इस बात को इन उदाहरणों से समझा जा…
Read Moreदो बार CM रहे कर्पूरी ठाकुर की सादगी के 5 किस्से
प्रधानमंत्री रहते चौधरी चरण सिंह उनके घर गए तो दरवाजे से सिर में चोट लग गई। कहा, "कर्पूरी, इसको जरा ऊंचा करवाओ।" तो कर्पूरी बोले, " जब तक बिहार के गरीबों का…
Read Moreडॉ. अंबेडकर के सबसे निकटतम नानक चंद रत्तू का जीवन परिचय
नानकचंद रत्तू (Nanak Chand Rattu) जी का जन्म पंजाब प्रांत के होशियारपुर जिले के सकरुली गांव में 6.2.1922 को हुआ। उन्हें बाबासाहेब (Babasaheb Dr. Bhim Rao Ambedkar)…
Read Moreत्यागमूर्ति पूज्य माता रमाबाई आंबेडकर जी का जीवन परिचय
माता रमा बाई जी जैसी आदर्श पत्नियां यदि हों तो दुनिया का हर पति निश्चय ही कामयाब होगा। रमा बाई जी शादी के बाद कितनी कठिन जिंदगी जी हैं इसका आभास शायद ही किसी…
Read Moreसंकिसा एक ऐतिहासिक बौद्ध तीर्थ स्थल
संकिसा भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के फ़र्रूख़ाबाद जिले के पखना रेलवे स्टेशन से सात मील दूर काली नदी के तट पर एक बौद्ध तीर्थ स्थल है। इसका प्राचीन नाम संकाश्य…
Read Moreरोचक तथ्य
आखिर भारत मे बौद्ध धर्म की आवश्यकता क्यों पड़ी?
भारत में अछूतों को एक स्वतंत्र धर्म की आवश्यकता थी और इसीलिए बौद्ध धर्म को चुना गया हैं। 13 अक्टूबर 1935, येवला, नाशिक में धर्मांतरण की घोषणा के बाद, धर्मांतरण…
11th Mar 2022जौनपुर के बदलापुर में दलितों पर पुलिसिया कहर
जौनपुर के बदलापुर में दलितों पर पुलिसिया कहर घटना सामने आई हैं। 4-5 महिलाओं को कपड़ा उतारकर बेहरमी से पीटा, बदलापुर पुलिस के कारनामों से पीडि़त…
25th Mar 2022क्यों बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर जी ने कहा था नारी राष्ट्र की निर्मात्री है?
बाबासाहेब डॉ. भीम राव अंबेडकर जी ने संविधान में लिखा कि किसी भी महिला को सिर्फ महिला होने की वजह से किसी अवसर से वंचित नहीं रखा जाएगा और ना ही उसके साथ लिंग…
13th May 2022