प्रेरक कहानियाँ
Latest from Motivational Storiesमानवता और आपसी सहयोग की एक शानदार कहानी
एक सज्जन रेलवे स्टेशन पर बैठे रेलगाड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे। तभी वहां पर जूते पॉलिश करने वाला एक लड़का आकर उनसे बोला ‘‘साहब! बूट पॉलिश?’’ उसकी…
Read Moreअंधविश्वास पाखंडवाद पर एक बुढ़िया और उसकी बहू पर एक जबरदस्त लेख
एक समय की बात हैं एक गांव में एक बुढ़िया अपने बेटे और बहू के साथ रहती थी। वह कुछ ऊंचा सुनती थी। उसके बेटे की शादी हुये तीन-चार साल हो चुके थे। कोई बच्चा नहीं…
Read More19 ऊंट की कहानी जिसे मजाक में मत लेना
एक गाँव में एक व्यक्ति के पास 19 ऊंट थे। एक दिन उस व्यक्ति की मृत्यु हो गयी। मृत्यु के पश्चात वसीयत पढ़ी गयी। जिसमें लिखा था कि मेरे 19 ऊंटों में से आधे मेरे…
Read Moreजिसे हारने का डर है उसकी हार निश्चित है, जादूगर और चूहे की एक झकझोर देने वाली कहनी
एक बार एक जादूगर जंगल से गुजर रहा था। अचानक उसकी निगाह एक चूहे पर पड़ी। चूहा अकेला बैठा था। जादूगर ने चूहे से कहा, "भाई चलो, जंगल घूमने चलो।" चूहे ने कहा कि…
Read Moreएक कसाई और हजारों मुर्गियों की कहानी जो प्रेरणा का सबक देती हैं
एक कसाई था। उसके मुर्गीपालन का व्यवसाय था। बाड़े में हजारों मुर्गियां थी। बाड़े के गेट पर ही वो मुर्गियों को काटकर बेचा करता था। इधर-उधर भागती मुर्गियां उसको…
Read Moreशैतान ने गधे को आजाद करके ऐसा क्या बवाल कर दिया?
गधा पेड़ से बंधा था। शैतान आया और उसे खोल गया। गधा मस्त होकर खेतों की ओर भाग निकला और खड़ी फसल को खराब करने लगा। किसान की पत्नी ने यह देखा तो गुस्से में गधे…
Read Moreदारु की बोतल - समाज के लिए एक प्रेरणादायक कहानी
एक ठाकुर के खेत में बहुत सारी घास हो गई, उसको साफ करने के लिए मजदूर चाहिए था। उसने अपने बेटे को गाँव में भेजा, मजदूर मिल गया जो कि दलित था।…
Read Moreभेड़िया तो भेड़िया ही है, और भेड़ तो बस भेड़ हैं
बहुत समय पहले की बात है, एक चरवाहा था जिसके पास 10 भेड़े थीं। वह रोज उन्हें चराने ले जाता और शाम को बाड़े में डाल देता। सब कुछ ठीक चल रहा था कि एक सुबह…
Read Moreविश्व का सबसे अनोखा मुकदमा और में ऐसे मुकदमे हर घर मे होने चाहिए
विश्व का सबसे अनोखा मुकदमा,और में ऐसे मुकदमे हर घर मे होने चाहिए। न्यायालय में एक मुकद्दमा आया, जिसने सभी को झकझोर दिया। अदालतों में प्रॉपर्टी विवाद…
Read Moreस्वर्ग की मिट्टी, एक अद्भुत कहानी
एक पापी इन्सान मरते वक्त बहुत दुख और पीड़ा भोग रहा था। लोग वहाँ काफी संख्या मेँ इक्ट्ठे हो गये, वहीँ पर एक महापुरूष आ गये, पास खड़े लोगोँ ने महापुरूष से पूछा…
Read Moreरोचक तथ्य
बहुजन बामन सर्वजन दर्शन: दुष्प्रचार और यथार्थ
पिछले कुछ दिनों से मैं देख-सुन रहा हूँ। कि कुछ धूर्त "सर्वजनवादी" लोग अपने कुतर्क को सत्य साबित करने लिए तथागत सम्यकसंबुद्ध के "मूल बहुजन…
22nd Mar 2022महमूद गजनवी एक मसीहा था: एक नजरिया ये भी!
महमूद गजनवी (Mahmud Ghaznavi) का ज़हूर एक ऐसे समुद्री तूफ़ान की तरह था, जो अपनी राह में मौजूद हर मौज को अपनी आगोश में ले लेती है, वह ऐसा फतेह था, …
26th Mar 2022संविधान मसौदा समिति के अध्यक्ष बने बाबासाहेब डॉ. भीम राव अम्बेडकर, एक लेख
संविधान निर्माण के इतिहास में 29 अगस्त का दिन एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में दर्ज है। 29.08.1947 के दिन ही संविधान सभा ने संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए…
7th Sep 2022